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Bilaspur News : हेड कॉन्स्टेबल ने लगाईं फांसी, ट्रेनी DSP पर फटकार लगाने का आरोप, जाँच में जुटी पुलिस


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हेड कॉन्स्टेबल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन को घर के पीछे पेड़ पर फंदे से लाश लटकती हुई मिली। बताया जा रहा है कि प्रताड़ना से तंग आकर प्रधान आरक्षक ने मौत को गले लगाया है। आरोप है कि वे अफसरों की डांट फटकार से परेशान थे। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।

मोपका निवासी लखन सिंह मेश्राम सरकंडा थाने में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत था. थाने में उसे मालखाने की जिम्मेदारी दी गई थी. बताया जा रहा है कि वे किसी बात को लेकर परेशान थे. ड्यूटी से लौटने के बाद रात 11 बजे खाना खाकर टहलने की बात कहते हुए घर से निकला. इसके बाद घर के पीछे नीम पेड़ पर रस्सी बांधी और फांसी के फंदे पर झूल गए.

रात 1 बजे तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई. परिजनों ने घटना की सूचना सरकंडा थाने को दी. पुलिस की टीम उनकी तलाश में जुटी. रात करीब 3 बजे प्रधान आरक्षक लखन मेश्राम का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. प्रधान आरक्षक के आत्महत्या की वजह का अब तक खुलासा नहीं हो सका है, पुलिस मामले के जांच में जुटी है.

बेटे का थाना और प्रशिक्षु डीएसपी पर आरोप

हवलदार लखन मेश्राम (Bilaspur News) के बेटे कृष्‍णकांत मेश्राम ने बताया कि उसके पिता घरेलू समस्‍याओं से कभी परेशान नहीं रहे। वे सहज और शांत स्‍वभाव के थे।

कृष्‍णकांत ने आगे जानकारी दी कि थाने के काम को लेकर अक्‍सर परेशान रहते थे। थाने से उन्‍हें बार-बार फोन आता था, वह परेशान होकर जाते थे। वहीं प्रशिक्षु डीएसपी और थाना प्रभारी पर भी आरोप लगाया है।

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प्रशिक्षु डीएसपी ने लगाई थी फटकार

जानकारी मिली है कि हेड कॉन्स्टेबल लखन मेश्राम (Head Constable Lakhan Meshram) थाने में मालखाने की जिम्मेदारी निभा रहे थे। प्रशिक्षु डीएसपी और थाना प्रभारी रोशन आहूजा ने उन्हें थाने में जब्त सामान को कोर्ट में जमा करने कहा था, लेकिन कुछ महीने पहले उन्होंने मालखाने का चार्ज लिया था।

इसके चलते हवलदार ने तत्काल सामान जमा करने से मना कर दिया, साथ ही कारणों का हवाला भी दिया। वहीं गुरुवार की रात हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी से अपने घर चले गए थे।

बताया जा रहा है कि ड्यूटी से घर जाने से पहले प्रशिक्षु डीएसपी ने लखन मेश्राम को जमकर फटकारा था।

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